Jain Aarti -झूम-झूम के

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Jain Aarti -झूम-झूम के

मंगलमय मंगल जैन आरती संग्रह- Jain Aarti -झूम-झूम के.

मैं करू आरती द्वारे, प्रभुजी की झूम-झूम के
झूम-झूम के, झूम-झूम के
मैं करू आरती द्वारे, प्रभुजी की झूम-झूम के


आदि प्रभु कैलाशी जिन राजा
आदि प्रभु कैलाशी जिन राजा
पाप नशावे शिव सुख दाता, झूम-झूम के
झूम-झूम के


रिषभ प्रभु को बुलाउ – बुलाऊ रे मैं – झूम मैं झूम मैं
वीस तीर्थंकर तारण हारे, सम्मेद शिखर से मोक्ष पधारे
झूम-झूम के, झूम-झूम के करू आरती पारस प्रभु, चन्दा प्रभु की
चम्पा पुर वासुपूज्य को ध्याऊ

Jain Aarti -झूम-झूम के


गिरनारी नेमी नाथ को निहारू – झूम-झूम के, झूम-झूम के
पावापुर महावीर, बुलाऊ तुम्हे झूम-झूम के – मै करू


आरती… प्रभुजी की
विन्धागिरी बाहूबली स्वामी
विन्धागिरी बाहूबली स्वामी
तन की बेल संयम तप धारी
तन की बेल सन्यम तप धारी झूम-झूम के
झूम-झूम के मैं करू आरती, बाहुबलि जी की


झूम-झूम के – मैं करू भावना की भक्ति आरती है अर्पण
झूम-झूम के – मैं करू भावना की भक्ति आरती है अर्पण
सिद्ध क्षेत्र अतिशय को है वन्दन
सिद्ध क्षेत्र अतिशय को है वन्दन झूम-झूम के


झूम-झूम के परमेष्ठि प्रभु की करू आरती झूम-झूम के
जिन वाणी की करू आरती झूम-झूम के
जिन वाणी की करू आरती झूम-झूम के

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